Monday, 2 April 2018

A Poem for Her: एक लड़की बावली सी...



थोड़ी-थोड़ी उतावली सी,
एक लड़की बावली सी.

जब से मेरी नजर में आई,
दिल के खाली नगर में आई.

मन का उसके रंग है गोरा,
सूरत प्यारी सांवली सी.

जीवन में उन्माद आया,
बड़े दिनों के बाद आया.

अब तो मेरे दिल के घर में,
रहती है बस दीपावली सी.

(Author and Editor, my tukbandi)

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